पुश्तैनी जमीन का पारिवारिक बंटवारा: नया नोटिस जारी, ऐसे कराएं नामांतरण
दोस्तों, बिहार में इस समय भूमि सर्वे की प्रक्रिया जोरों पर चल रही है। हर दिन कुछ न कुछ नई अपडेट्स और नोटिफिकेशन जारी किए जा रहे हैं। आपके लिए यह जानना बेहद ज़रूरी है कि अगर आपके पास पुश्तैनी जमीन है, तो उसका पारिवारिक बंटवारा कैसे करना है और अपने नाम से उसे कैसे करवाना है। हाल ही में इस विषय पर एक नया नोटिस जारी किया गया है, जिसमें बंटवारे की प्रक्रिया और इससे जुड़े दस्तावेजों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। आइए, जानते हैं इस नोटिस की पूरी जानकारी।
क्यों ज़रूरी है पुश्तैनी जमीन का बंटवारा?
पुश्तैनी जमीन का समय पर बंटवारा न होने पर परिवार में विवाद होने की संभावना बढ़ जाती है। ज़मीन सर्वे शुरू होने के बाद से ही इस तरह के मामले बहुत ज्यादा सामने आए हैं। भाई-भाई और भाई-बहन के बीच झगड़े होने की घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि सर्वे से पहले आपसी सहमति से जमीन का बंटवारा कर लिया जाए। इससे आगे की प्रक्रिया में काफी सहूलियत होती है और विवादों से बचा जा सकता है।
सरकार ने नियम बनाए सरल
सरकार ने भूमि विवाद के मामलों को सुलझाने के लिए आपसी सहमति से बंटवारे के नियमों को सरल बना दिया है। इसके लिए प्रखंड से लेकर अंचल तक में प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, सरकार ने नई गाइडलाइन्स भी जारी की हैं। प्रखंड कार्यालयों में विशेष रूप से भूमि सुधार से जुड़े कार्यों के लिए तीन दिन तय किए गए हैं, ताकि पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा करवाने वाले परिवारों को पूरी मदद मिल सके।
किन दस्तावेज़ों की होगी आवश्यकता?
आपसी सहमति से बंटवारा करने के लिए कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि, ज़रूरी नहीं कि सभी दस्तावेज़ मौजूद हों। फिर भी, सरकार द्वारा बताए गए प्रमुख दस्तावेज़ों की एक सूची दी जा रही है:
- जमाबंदी रैयत का मृत्यु प्रमाण पत्र: अगर जमीन आपके पूर्वज के नाम से है, तो उनके मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन यह अनिवार्य नहीं है।
- आधार कार्ड: सभी हिस्सेदारों की सहमति के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है।
- एसडीएम कार्यालय से जारी शपथ पत्र: यह भी अनिवार्य नहीं है, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर इसे तैयार रखा जा सकता है।
- लगान रसीद की छायाप्रति: भूमि से संबंधित अन्य दस्तावेज़, जैसे केवाला या खतनी वाला कागज़।
- वंशावली तैयार करना: जिस व्यक्ति के नाम से जमीन है, उसके पुत्र-पुत्री और उनके पुत्रों की वंशावली तैयार करना अनिवार्य है।
खुद से बंटवारा कैसे करें?
अगर आप सभी भाई आपसी सहमति से बंटवारा करना चाहते हैं, तो आप इसे एक साधारण पेज पेपर पर बनवा सकते हैं। इस प्रक्रिया को सरकार ने बहुत ही सरल बना दिया है। ऐसे में अगर सभी हिस्सेदार सहमत हों, तो ज़्यादा दस्तावेज़ों की भी आवश्यकता नहीं होगी।
निष्कर्ष
दोस्तों, अगर आपके पास पुश्तैनी जमीन है, तो जल्द से जल्द अपने परिवार के सदस्यों की सहमति से बंटवारा करवाएं। इससे भविष्य में होने वाले विवादों से बचा जा सकता है और सर्वे प्रक्रिया भी आसानी से पूरी हो सकेगी।
आशा है कि इस जानकारी से आपको मदद मिलेगी। अपने अनुभव और प्रश्न नीचे कमेंट में ज़रूर साझा करें। इस जानकारी को लाइक और शेयर करें, ताकि यह अन्य लोगों तक भी पहुंच सके। जय हिंद!
ध्यान दें: इस ब्लॉग में दी गई जानकारी आपके लिए मददगार हो सकती है। लेकिन, अपनी भूमि से जुड़े किसी भी आधिकारिक कार्य के लिए संबंधित विभाग या सरकारी अधिकारियों से संपर्क करें।
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